लक्ष्मी और दुर्गा एक ही हैं – गरुड़ पुराण के अनुसार

भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं में देवी-देवताओं के रूप अक्सर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसा ही कुछ है देवी लक्ष्मी और दुर्गा के संबंध में। कई लोग सोचते हैं कि ये दो अलग देवियाँ हैं, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, लक्ष्मी ही विभिन्न रूपों में प्रकट होती हैं।

इस पुराण के मुताबिक, लक्ष्मी को महालक्ष्मी यानी सम्पूर्ण प्रकृति का स्वरूप माना जाता है। वह तीन रूपों में अस्तित्व में हैं: श्री, भू और दुर्गा। श्री रूप में वह समृद्धि और सौभाग्य की दाता हैं, भू रूप में वह पृथ्वी और कृषि की देवी के रूप में पूजी जाती हैं, और दुर्गा रूप में वह शक्ति, साहस और रक्षा का प्रतीक बन जाती हैं।

यह विचार न केवल गरुड़ पुराण में मिलता है, बल्कि अन्य पुराणों और तांत्रिक परंपराओं में भी देखा जा सकता है। यहाँ तक कि कई मंदिरों में लक्ष्मी और दुर्गा की मूर्तियाँ एक साथ रखी जात

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