भारत में खाद्य सुरक्षा: एक गंभीर सच्चाई
हर दूसरा भारतीय ऐसा है जिसे संतुलित और स्वस्थ आहार नहीं मिल पा रहा। 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 307.42 करोड़ लोग स्वस्थ आहार से वंचित हैं, जो वैश्विक आबादी का लगभग 42 फीसदी है। इसमें भारत का हिस्सा खासा चिंताजनक है। यहाँ 97.33 करोड़ लोग ऐसे हैं जो पौष्टिक भोजन नहीं पा पा रहे।
यानी, हर सात में से पाँच भारतीय (लगभग 70 फीसदी) ऐसे हैं जिनकी थाली में प्रोटीन, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी है। यह सिर्फ गरीबी नहीं, बल्कि खाद्य वितरण प्रणाली, कृषि नीतियों और शहरीकरण के असंतुलन का भी नतीजा है।
गाँवों में तो अक्सर महीनों तक आलू-चावल या रोटी-दाल से ज्यादा कुछ नहीं मिलता। बच्चों में कुपोषण, महिलाओं में एनीमिया — ये सब इसी असंतुलन के सीधे परिणाम हैं। वहीं, शहरों में जहाँ खाना मिल भी जाता है, वह अक्सर तेल-नमक-चीनी से भरा होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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