भारत की लोकतांत्रिक पहचान
भारत दुनिया का एक विशाल और जीवंत देश है, जिसे संविधान द्वारा एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि देश अपने आंतरिक और बाहरी मामलों में पूरी तरह स्वतंत्र है, और यहां की नीतियां सामाजिक न्याय, समानता और सभी धर्मों के प्रति समान आदर के सिद्धांतों पर काम करती हैं।
शासन व्यवस्था के मामले में, भारत में संसदीय प्रणाली अपनाई गई है। इसका सरल शब्दों में अर्थ यह है कि जनता अपने वोट के जरिए प्रतिनिधियों को चुनती है, जो संसद में बैठकर देश के लिए कानून बनाते हैं और सरकार का संचालन करते हैं। राष्ट्रपति देश के नाममात्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि वास्तविक कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद के पास होती हैं।
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