भारत में तेल शोधनागार और ऊर्जा की स्थिति

भारत तेजी से ऊर्जा की बढ़ती मांग वाला देश है, और देश की ईंधन जरूरतों को पूरा करने में रिफाइनरियों की बहुत बड़ी भूमिका है। हालांकि सवाल में तेल के कुओं की बात की गई है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल मिलाकर 25 तेल शोधनागार (रिफाइनरी) सक्रिय हैं। ये रिफाइनरियां कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल और अन्य उपयोगी ईंधन में बदलने का काम करती हैं।

दिसंबर 2017 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इन सभी शोधनागारों की कुल मिलाकर शोधन क्षमता 247.6 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) दर्ज की गई थी। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector), निजी क्षेत्र (Private Sector) और संयुक्त उद्यम (Joint Venture) तीनों प्रकार की रिफाइनरियां शामिल हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों में फैली हुई हैं।

कच्चे तेल के ये कुएं और रिफाइनरियां मिलकर देश की अर्थव्यवस्था और परिवहन प्रणाली को ऊर्जा प्रदान करती हैं। समय के साथ बढ़ती मांग को देखते हुए भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता का लगातार विस्तार कर रहा है, ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सके।

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