भारत में जैव प्रौद्योगिकी की शुरुआत और विकास
भारत में आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के सफर की शुरुआत मुख्य रूप से फरवरी 1986 में हुई, जब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक अलग जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) की स्थापना की गई। इससे पहले 1982 में राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी बोर्ड (NBTB) का गठन किया गया था, जिसने इस क्षेत्र की नींव रखने में मदद की।
सातवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान शुरू हुए इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य देश में जैविक विज्ञान अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि में नवाचार को बढ़ावा देना था। आज भारत का बायोटेक क्षेत्र दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक बन चुका है, जिसने दवा निर्माण, वैक्सीन विकास और उन्नत कृषि तकनीक में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
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