भारत में अंग्रेजों की पहली व्यापारिक कोठी

भारतीय इतिहास में व्यापारिक गतिविधियों का दौर बहुत पुराना है। यूरोपीय ताकतों के आगमन के साथ ही देश में व्यावसायिक केंद्रों की स्थापना का सिलसिला शुरू हुआ था। इनमें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पहली व्यापारिक पकड़ मजबूत करने के लिए देश के पश्चिमी हिस्से को चुना।

अंग्रेजों की प्रथम व्यापारिक कोठी या फैक्ट्री 1608 ईस्वी में सूरत में खोली गई थी। सूरत उस समय पश्चिमी भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त बंदरगाह था, जो विदेशी व्यापार के लिए मुख्य केंद्र माना जाता था। यहाँ से ब्रिटिश व्यापारियों ने स्थानीय शासकों से अनुमति प्राप्त कर अपने व्यापारिक हितों को आगे बढ़ाना शुरू किया।

यह ऐतिहासिक कदम भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रभाव और बाद में उनके साम्राज्यवादी विस्तार की नींव साबित हुआ। सूरत के बाद अंग्रेजों ने देश के अन्य हिस्सों जैसे मछलीपट्टम, मद्रास और कलकत्ता में भी अपने कारखाने और व्यापारिक केंद्र स्थापित किए, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा को पूरी तरह बदल कर रख दिया।

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