भारत में खनिज तेल और पेट्रोल के भंडार
भारत में ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खनिज तेल और प्राकृतिक संसाधनों की खोज लगातार की जाती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल खनिज तेल का भंडार लगभग 1750 लाख टन आंका गया है, जो हमारी ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम है।
इन भंडारों में अपतटीय क्षेत्रों की भूमिका सबसे बड़ी है। गुजरात और असम के पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा, महाराष्ट्र के तट से दूर एक बड़ा केंद्र उभरा है। मुम्बई तट से लगभग 176 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित 'बाम्बे हाई' भारत का सबसे प्रमुख खनिज तेल उत्खनन क्षेत्र बन गया है। अकेले इसी क्षेत्र में लगभग 1250 लाख टन तेल का भंडार होने का अनुमान लगाया गया है, जो देश के कुल भंडार का एक बड़ा हिस्सा है।
यहाँ यह समझना भी जरूरी है कि तकनीकी रूप से जमीन के नीचे पेट्रोल सीधे शुद्ध रूप में नहीं, बल्कि कच्चे तेल (Crude Oil) के रूप में मिलता है। जिसे बाद में रिफाइनरियों में संसाधित करके पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन के रूप में तैयार किया जाता है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, लेकिन बाम्बे हाई और अन्य घरेलू खदानें देश के कुल उत्पादन में एक मजबूत योगदान देती हैं।
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