भारत में मोबाइल फोन की शुरुआत: एक ऐतिहासिक यात्रा
आज हमारे हाथ में मौजूद स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में मोबाइल फोन की शुरुआत कब हुई थी? भारत में पहला मोबाइल फोन वर्ष 1995 में लॉन्च किया गया था। इस क्रांति की शुरुआत देश के जाने-माने उद्योगपति डॉ. भूपेंद्र कुमार मोदी के मोदी ग्रुप और ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी 'टेल्सट्रॉ' (Telstra) के संयुक्त प्रयासों से हुई थी।
उस दौर में आज की तरह अनगिनत टेलीकॉम कंपनियां नहीं थीं, बल्कि टेल्सट्रॉ भारत की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनियों में शुमार थी। हालांकि, उस समय मोबाइल फोन रखना हर किसी के बस की बात नहीं थी। शुरुआती दिनों में न सिर्फ हैंडसेट बेहद महंगे थे, बल्कि कॉलिंग और इनकमिंग दोनों के लिए ही बहुत भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ता था। इसके बावजूद, इस कदम ने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की नींव रखी और आने वाले समय में देश को डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर किया।
आज जहाँ भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक है और डेटा सबसे सस्ते दामों पर उपलब्ध है, वहीं 1995 की वह शुरुआत आज के आधुनिक डिजिटल भारत की कल्पना का पहला मजबूत कदम साबित हुई थी।
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