भारत में सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य और उनकी स्थिति

भारत के विभिन्न राज्यों की आर्थिक स्थिति और उनके बढ़ते वित्तीय बोझ को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। यदि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के अनुपात में कर्ज की बात करें, तो पंजाब इस सूची में सबसे ऊपर आता है। पंजाब का कर्ज उसके GSDP का लगभग 53.3% है, जो राज्य की आर्थिक सेहत पर भारी दबाव को दर्शाता है।

पंजाब के अलावा भी कई प्रमुख राज्य वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस कतार में राजस्थान (39.8%) दूसरे स्थान पर है, जिसके बाद पश्चिम बंगाल (38.8%), केरल (38.3%) और आंध्र प्रदेश (37.6%) का नाम आता है। इन राज्यों के बजट का एक बड़ा हिस्सा कर्ज के ब्याज का भुगतान करने में ही चला जाता है, जिससे विकास कार्यों के लिए संसाधन सीमित हो जाते हैं।

चिंताजनक पहलू यह है कि देश के ज्यादातर राज्यों पर बकाए का बोझ लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के 31 में से 27 राज्यों का कर्ज अनुपात बढ़कर औसतन 7.2 फीसदी पर पहुंच गया है। यह स्थिति राज्यों के वित्तीय प्रबंधन और भावी आर्थिक योजनाओं के लिए एक बड़ा संकेत है।

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