भारत में पहला यूरोपीय व्यापारिक संपर्क: पुर्तगालियों का आगमन

भारत में यूरोपीय व्यापारिक आगमन की शुरुआत पुर्तगालियों ने की। 17 मई 1498 को पुर्तगाल के नाविक वास्को डी गामा कालीकट (आधुनिक केरल) पहुँचे। उनका यह सफर इतिहास बन गया, क्योंकि इसने भारत के लिए समुद्री मार्ग से यूरोप के साथ व्यापार का द्वार खोल दिया।

वास्को डी गामा ने अफ्रीका के दक्षिणी छोर को लाँघकर भारत तक का रास्ता खोजा। उनकी यात्रा में एक गुजराती व्यापारी अब्दुल मजीद, जिन्हें अक्सर एक अनाम नाविक के रूप में संदर्भित किया जाता है, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा जाता है कि उन्होंने वास्को को भारत तक पहुँचने में मदद की।

कालीकट पहुँचने पर वास्को ने वहाँ के शासक, जमोरिन (जिनका राज्य था), से व्यापार की अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया। हालाँकि, वहाँ के स्थानीय और अरबी व्यापारी, जो सदियों से मसालों और कपड़े के व्यापार में स्थापित थे, ने उनका विरोध किया। उन्हें

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