मुख्यमंत्री का वेतन कौन तय करता है?
भारत में मुख्यमंत्री का वेतन किसी एक केंद्रीय संस्था द्वारा नहीं तय किया जाता। हर राज्य की विधानसभा अपने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के वेतन को निर्धारित करने की संवैधानिक शक्ति रखती है। यह व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत आती है।
अगर किसी राज्य की विधानसभा ने अभी तक मुख्यमंत्री के वेतन का निर्णय नहीं लिया है, तो उस स्थिति में वेतन द्वितीय अनुसूची में दिए गए नियमों के अनुसार होता है। इसीलिए देश के अलग-अलग राज्यों में मुख्यमंत्रियों का वेतन भिन्न-भिन्न हो सकता है।
उदाहरण के लिए, कुछ बड़े राज्यों में मुख्यमंत्री को वेतन के साथ-साथ आवास, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। ये सभी सुविधाएं राज्य सरकार की नीतियों और विधानसभा के निर्णय पर निर्भर करती हैं।
इस तरह, मुख्यमंत्री का वेतन कोई तयशुदा नहीं है। राज्य की जनता के प्रतिनिधि, यानी विधायक, ही यह तय करते हैं कि उनक
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