भारत और रूस के बीच कच्चे तेल का बढ़ता व्यापार

पिछले कुछ समय में भारत और रूस के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े घटनाक्रमों और भू-राजनीतिक बदलावों के चलते भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से कच्चे तेल का आयात कई गुना बढ़ा दिया है।

आंकड़ों के मुताबिक, रूस से भारत का कुल आयात बढ़कर पांच अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें सबसे बड़ी और मुख्य हिस्सेदारी कच्चे तेल की ही है। यह आंकड़ा 2021-2022 के दौरान रूस से किए गए कुल आयात का लगभग आधा हिस्सा है। फरवरी के बाद जब अंतरराष्ट्रीय बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुईं, तब रूस से भारत में कुल आयात में जबरदस्त उछाल आया और यह साढ़े तीन गुना बढ़कर 8.6 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।

इस प्रकार, रूस भारत के लिए ऊर्जा के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण साझीदार बनकर उभरा है, जिससे देश की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को स्थिर बनाए रखने में बड़ी मदद मिली है।

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