भारत एक विकसित देश क्यों नहीं है?

आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन इसके बावजूद इसे अभी भी एक विकासशील देश ही माना जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण हमारी प्रति व्यक्ति आय का कम होना है। विश्व बैंक के मानकों के अनुसार, भारत $2,170 की प्रति व्यक्ति जीएनआई (GNI) के साथ निम्न-मध्यम आय वर्ग में आता है। जब तक किसी देश की प्रति व्यक्ति आय $12,696 के आंकड़े को पार नहीं कर लेती, उसे विकसित श्रेणी में नहीं रखा जाता।

केवल अर्थव्यवस्था का आकार बड़ा होना ही किसी देश को विकसित नहीं बनाता। भारत के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं, जैसे उच्च जनसंख्या दबाव, आय की असमानता, और बुनियादी ढाँचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की कमी। इसके अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े सुधारों की जरूरत है ताकि हर नागरिक को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए आने वाले कई दशकों तक लगातार दो अंकों (10% से अधिक) की आर्थिक विकास दर हासिल करनी होगी। इसके लिए विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), तकनीक, और रोजगार के अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना जरूरी है। जब देश के प्रत्येक व्यक्ति की आय और जीवन स्तर में सुधार होगा, तभी भारत सही मायने में एक विकसित देश बन पाएगा।

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