डॉ. पुष्पमित्र भार्गव: भारत में आधुनिक जीव-विज्ञान के जनक

भारत में आधुनिक जीव-विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) के विकास में डॉ. पुष्पमित्र भार्गव का योगदान अतुलनीय है। उन्हें व्यापक रूप से भारत में आधुनिक जीव-विज्ञान का जनक माना जाता है। 2 अगस्त 2017 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके द्वारा रखी गई मजबूत नींव आज भी देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को दिशा दे रही है।

डॉ. भार्गव एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक दूरदर्शी संस्थान निर्माता भी थे। उन्होंने हैदराबाद में प्रसिद्ध सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) की स्थापना की, जो आज जैव प्रौद्योगिकी और आणविक जीव-विज्ञान के क्षेत्र में शोध का एक प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा, देश में जैव प्रौद्योगिकी के महत्व को समझते हुए उन्होंने भारत सरकार में पृथक जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वह केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) और तर्कशीलता को बढ़ावा देने के लिए जीवनभर काम किया। डॉ. भार्गव का मानना था कि विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों के दायरे में होना चाहिए। उनका जीवन और विचार आज भी युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

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