मनुष्य को कौन-से कर्म करने चाहिए?
मनुष्य के जीवन में कर्म की अहमियत हमेशा से बहुत ऊँची रही है। हमारे पुराणों और धर्मग्रंथों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हर कर्म का फल मनुष्य को अवश्य मिलता है – चाहे वह अच्छा हो या बुरा।
अच्छे कर्म करने से जीवन सुखी और शांतिपूर्ण होता है। सत्य बोलना, दूसरों की सहायता करना, दया, सेवा, त्याग और ईमानदारी से जीवन जीना – ये सभी ऐसे कर्म हैं जो न केवल इस जन्म में आदमी को सम्मान और खुशहाली देते हैं, बल्कि अगले जन्म में भी उसे अच्छी गति प्राप्त कराते हैं।दूसरी ओर, यदि कोई व्यक्ति झूठ बोलता है, निर्दोष प्राणियों की हिंसा करता है, दूसरों को परेशान करता है या लोभ, क्रोध और अहंकार में आचरण करता है, तो उसे बुरे कर्मों का फल भुगतना पड़ता है। ऐसे कर्मों के कारण व्यक्ति को अगले जन्म में नरक या तिर्यंच योनि (पशु-पक्षी का जीवन) मिल सकती है।
इसलिए, मनुष्य को हमेशा धर्म, सच्चाई और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। कर्म ही
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