मनुष्य क्यों मरता है?
मौत जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मनुष्य मर क्यों जाता है? दरअसल, जब मस्तिष्य की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, तो शरीर के सभी अहम कार्य धीरे-धीरे रुकने लगते हैं। इस स्थिति को प्राकृतिक मौत कहा जाता है, जिसे कुछ लोग "प्वाइंट ऑफ नो रिटर्न" यानी वापसी का बिंदु नहीं भी कहते हैं।
शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल, फेफड़े और दिमाग जैसे अंग काम करना बंद कर देते हैं। एक बार जब शरीर की मौत हो जाती है, तो उसके तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है। विज्ञान कहता है कि मौत के बाद शरीर का तापमान हर घंटे लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस कम होता जाता है। यह प्रक्रिया कुछ घंटों तक जारी रहती है, जब तक कि शरीर कमरे के तापमान के बराबर नहीं हो जाता।
मौत को डॉक्टर आधिकारिक तौर पर तब मानते हैं जब दिमाग की गतिविधि पूरी तरह बंद हो जाती है। इसे ही मस्तिष्क मृत्यु कहते हैं। हालांकि मौत एक
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