महिला रोजगार: सशक्तिकरण की ओर एक कदम
महिला रोजगार केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के समग्र विकास और स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत सरकार ने 1986-87 में महिला प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम सहयोग योजना शुरू की, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।
इस योजना के तहत महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार और क्रियान्वयन संस्थाओं के सहयोग से चलाया जाता है, जो वित्तीय सहायता भी प्रदान करती हैं। इसके माध्यम से महिलाओं को सिलाई, कंप्यूटर शिक्षा, हस्तशिल्प, खादी और गृह उद्योग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
आज भी कई महिलाएं इस योजना के जरिए अपने जीवन में बदलाव ला रही हैं। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधारता है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान भी दिलाता है। महिला रोजगार की बढ़ती भागीदारी देश के
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