मिठाई किसने बनाई?

मिठाई किसने बनाई, ये सवाल अक्सर दिमाग में आता है, खासकर तब जब गर्मियों में गुलाब जामुन या रसगुल्ले की चमकती थाली नजर आए। पर सच तो ये है कि मिठाई किसी एक शख्स ने नहीं बनाई – ये सदियों के धीरे-धीरे विकास का नतीजा है।

भारत में मिठाइयां इतनी पुरानी हैं कि इनके जड़ वैदिक काल से जुड़े माने जाते हैं। मूल रूप से गुड़ और घी का उपयोग यज्ञों और त्योहारों में होता था। बाद में मुगल दौर में मिठाई कला ने नया रूप लिया। शहद, चीनी, मखाने, बर्फी, पेठा – ये सब वो तोहफे हैं जो इतिहास ने हमें दिए।

कहा जाता है कि रसगुल्ला की खोज बंगाल के एक मिठाई विशेषज्ञ ने की, और गुलाब जामुन का नाम मुगल दरबार से जुड़ा है।

लेकिन आज मिठाई कोई एक शख्स या समय की नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की भावना है। घर-घर में, त्योहार पर, खुशी के पलों में – मिठाई तब बनती है जब मां या दादी चूल्हे पर दूध गाढ़ा करती हैं। इसका इन्वेंशन किसी ने नहीं, संस्कृति न

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