मुंबई: एक शहर, अनेक पहचान

भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई न केवल अपने सपनों और रफ्तार के लिए जानी जाती है, बल्कि इसका इतिहास इसके नाम में भी झलकता है। इस शहर को समय-समय पर विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के प्रभाव के कारण कई अलग-अलग नामों से पुकारा गया है।

सत्रहवीं शताब्दी में जब ब्रिटिश हुकूमत ने इस क्षेत्र पर अधिकार जमाया, तो उन्होंने इसके स्थानीय नाम का आंग्लीकरण कर इसे 'बॉम्बे' बना दिया। अंग्रेजों के शासनकाल में दुनिया भर में यह शहर इसी नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसके बावजूद, स्थानीय मराठी लोग इसे हमेशा मुंबई या मंबई ही कहते रहे, जबकि हिन्दी भाषी समाज में इसे प्रेम से बम्बई बुलाने की परंपरा बनी रही।

समय के साथ अपनी मूल सांस्कृतिक पहचान को वापस पाने के प्रयास तेज़ हुए। आखिरकार, सन 1995 में आधिकारिक तौर पर इस शहर का नाम बदलकर मुंबई कर दिया गया। यह नाम स्थानीय देवी मुंबा देवी के नाम पर आधारित है। आज भी बॉम्बे, बम्बई और मुंबई—ये सभी नाम इस शहर की समृद्ध विविधता और ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं।

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