मुंबई के छोटे उद्योग: एक छोटी फैक्ट्री, बड़ा योगदान

मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी, सिर्फ बैंक, फिल्मों और स्काईलाइन के लिए ही नहीं जानी जाती—यहां के छोटे-छोटे उद्योग भी इस शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस जिले में लगभग 15,000 एक-कमरा फैक्ट्रियां काम कर रही हैं, जो छोटे पैमाने पर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक उत्पाद, हस्तशिल्प और खाद्य सामग्री बनाती हैं।

ये फैक्ट्रियां अक्सर घरों, छोटे गोदामों या झुग्गी इलाकों में स्थित होती हैं, जहां सिर्फ एक कमरे में छोटे समूह या परिवार के सदस्य मिलकर काम करते हैं। इनमें से अधिकतर उद्यम स्थानीय जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन कुछ तो राज्य और देश के बाजारों तक उत्पाद भेजते हैं।

ये छोटी फैक्ट्रियां न सिर्फ उत्पादन में मदद करती हैं, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी देती हैं। खासकर ऐसे कामगारों के लिए, जिनके पास बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने के अवसर सीमित होते हैं, ये फैक्ट्रिय

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