आत्मा की आयु और उसकी यात्रा

कई बार हम सोचते हैं कि आत्मा की आयु कितनी होती है। कोई कहता है सौ साल, कोई सोचता है मृत्यु के साथ सब खत्म। लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मा अमर है। वह न तो पैदा होती है, न मरती है। फिर भी, एक शरीर में वह लंबे समय तक नहीं रह सकती।

एक शरीर में आत्मा केवल हजार वर्ष तक रह सकती है। इस समय के बाद उसे शरीर छोड़ना पड़ता है। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि इंसान तो अक्सर पचास-साठ साल में ही इस संसार को छोड़ देता है। तो फिर बाकी का समय कहाँ जाता है?

इसका जवाब छुपा है मृत्यु के बाद की यात्रा में। आत्मा शरीर छोड़ने के बाद तुरंत नया शरीर नहीं पाती। कई बार वह दीर्घकाल तक एक प्रकार की प्रतीक्षा की अवस्था में रहती है। यह वह अवधि हो सकती है जब आत्मा अपने अगले जन्म के लिए तैयार हो रही होती है।

आत्मा की यात्रा निरंतर है — एक शरीर से दूसरे शरीर तक, जन्म से मृत्यु तक, और फिर नए जन्म की ओर। यह

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