अकबर: अनपढ़ होने के बावजूद महान सम्राट

अकबर मुगल साम्राज्य के सबसे महान शासकों में से एक माने जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि वह पढ़-लिख नहीं सकते थे। हालाँकि वह अनपढ़ थे, लेकिन इतने बुद्धिमान और दूरदर्शी शासक थे कि उनका नाम इतिहास में हमेशा चमकता रहेगा।

अकबर का जन्म 1542 में हुआ था। बचपन में ही वह घुड़सवारी, तीरंदाजी और युद्ध कला में निपुण हो गए। लेकिन पढ़ने-लिखने का अवसर उन्हें नहीं मिला। फिर भी, वह अत्यंत ज्ञानी थे। उन्होंने दरबार में कवियों, इतिहासकारों और दार्शनिकों को आमंत्रित किया। रात के समय वह उनसे किताबें सुनते, चर्चा करते और देश-दुनिया के बारे में ज्ञान प्राप्त करते।

अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई। उन्होंने हिंदू राजाओं से गठबंधन किया और उन्हें अहम पदों पर नियुक्त किया। उनका शासनकाल सांस्कृतिक एकता और प्रगति का प्रतीक बना।

उन्होंने अपनी अनपढ़ता को कभी कमजोरी नहीं समझा। बल्कि, वह ज्ञान के सच्चे अनुराग

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