मूंगफली की खेती: सही समय पर करें खुदाई और पाएं बेहतर पैदावार
मूंगफली भारतीय किसानों के लिए एक प्रमुख और लाभदायक नकदी फसल है। अच्छी उपज पाने के लिए सही समय पर इसकी बुवाई और कटाई करना बेहद जरूरी होता है। आमतौर पर मूंगफली की फसल बुवाई के 120 से 130 दिन के भीतर तैयार हो जाती है। सही देखभाल और सही समय पर देखभाल करने से इसकी गुणवत्ता और दाने का वजन दोनों बेहतर होते हैं।
फसल पकने की पहचान करना बहुत आसान है। जब पौधों की पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगें और पौधा पूरी तरह से परिपक्व या पका हुआ दिखाई देने लगे, तो समझ जाएं कि फसल खुदाई के लिए तैयार है। इसके अलावा, जमीन से एक-दो पौधे उखाड़कर मूंगफली की फलियों की जांच करें—यदि छिलका सख्त हो गया हो और अंदर का दाना पूरा भर गया हो, तो खुदाई का यह बिल्कुल सही समय होता है।
खुदाई शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखें। अगर खेत की मिट्टी ज्यादा सूखी और कठोर हो, तो खेत में हल्की सिंचाई कर लें। नमी होने से मूंगफली के पौधे आसानी से उखड़ जाते हैं और फलियां मिट्टी के अंदर टूटने से बच जाती हैं। सही तकनीक और सही समय पर ली गई फसल से किसानों को मंडी में इसका बेहतरीन भाव मिलता है।
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