मोबाइल फोन का इतिहास और शुरुआत
आज की दुनिया में मोबाइल फोन के बिना एक पल भी गुजारना नामुमकिन सा लगता है। सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, हमारे हाथ में स्मार्टफोन ही रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह जादुई डिवाइस हमारी जिंदगी में कब और कैसे आया?
दुनिया का सबसे पहला पोर्टेबल मोबाइल फोन 3 अप्रैल 1973 को पेश किया गया था। इसे मोटोरोला (Motorola) कंपनी के एक इंजीनियर मार्टिन कूपर ने बनाया था। वह पहला फोन आज के स्मार्टफोन के मुकाबले बहुत भारी और ईंट जैसा बड़ा था। उस शुरुआती फोन से पहली कॉल मार्टिन कूपर ने अपने प्रतिद्वंद्वी को लगाई थी।
भारत की बात करें तो, देश में पहली मोबाइल कॉल 22 अगस्त 1995 को की गई थी। तब पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने केंद्रीय मंत्री सुखराम से बात की थी। उस समय मोबाइल फोन रखना एक बहुत बड़ी और महंगी बात हुआ करती थी, और इनकमिंग कॉल के भी पैसे चुकाने पड़ते थे।
वक्त के साथ तकनीक बदलती गई और आज 4G और 5G के दौर में इंटरनेट और मोबाइल हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन चुके हैं। आज मोबाइल सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि पढ़ाई, मनोरंजन और काम करने का एक पावरफुल जरिया बन गया है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।