दूसरे दिन परमेश्वर ने क्या किया?
बाइबिल के उत्पत्ति अध्याय में वर्णित है कि परमेश्वर ने छह दिनों में सृष्टि की। हर दिन कुछ न कुछ नया और अद्भुत हुआ। दूसरे दिन परमेश्वर ने जल के बीच एक अलगाव कर आसमान की स्थापना की।
उन्होंने आकाश को ऊपर और पानी को नीचे किया, ताकि पृथ्वी पर जीवन के लिए उचित वातावरण बन सके। इस आकाश को 'फर्मेन्ट' कहा गया, जो आज हम वायुमंडल कहते हैं। यह वह आवरण है जो हमें सूर्य की किरणों और बाहरी खतरों से बचाता है।
यह दिन सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक योजना का हिस्सा था। परमेश्वर ने बिना किसी उपकरण या सहायता के अपने वचन से सब कुछ संगठित किया। आसमान बनाने का अर्थ था—जीवन के लिए जगह बनाना। वायु, जल और आकाश—ये सब मिलकर मनुष्य के अस्तित्व का आधार हैं।
यीशु के संदर्भ में, वह परमेश्वर के अधिकार के माध्यम से काम करते हैं। इसलिए दूसरे दिन की सृष्टि भी उन्हीं के दिव्य नियोजन का हिस्सा मानी जाती है। यह बात हमें यह भी याद दिलाती है कि ह
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