यूपी का सबसे खतरनाक डॉन: श्रीप्रकाश शुक्ला की कहानी

90 के दशक में उत्तर प्रदेश और बिहार में एक ऐसा नाम था, जिससे आम जनता ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े नेता और पुलिस अफसर भी थर-थर कांपते थे। वह नाम था श्रीप्रकाश शुक्ला। उसे यूपी के इतिहास का सबसे खतरनाक, बेरहम और बेखौफ गैंगस्टर माना जाता है।

गोरखपुर के एक साधारण परिवार में जन्मे श्रीप्रकाश शुक्ला ने अपराध की दुनिया में कदम एक पारिवारिक विवाद के बाद रखा था। लेकिन बहुत ही कम समय में उसने रंगदारी, ठेकेदारी और हत्याओं के जरिए जुर्म के बाजार में अपना एकछत्र राज कायम कर लिया। वह पहला ऐसा अपराधी था जिसने अत्याधुनिक हथियारों, जैसे AK-47, का इस्तेमाल कर सरेराह वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। उसकी दहशत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तत्कालीन सरकार को उसे पकड़ने या खत्म करने के लिए खास एसटीएफ (STF) का गठन करना पड़ा था।

श्रीप्रकाश शुक्ला का खौफ इतना बढ़ गया था कि उस दौर में उसके नाम से ही करोड़ों रुपये की वसूली हो जाती थी। आखिरकार सितंबर 1998 में पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में उसका अंत हुआ, लेकिन 90 के दशक के उस काले दौर को आज भी यूपी के सबसे खौफनाक समय के रूप में याद किया जाता है।

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