रूठी हुई कुलदेवी को कैसे मनाएं?
कई बार परिवार में कुछ न कुछ अशांति चल रही होती है, बार-बार बीमारियां आती हैं या काम में बाधा आती है। ऐसे में मान्यता है कि शायद कुलदेवी रूठ गई हैं। कुलदेवी को मनाने के लिए सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए।
शुद्ध देसी घी का दीया जलाना सबसे ज़रूरी है। इसके साथ धूप, अगरबत्ती और चंदन की महक भी प्रसाद के रूप में अर्पित करें। कुलदेवी को प्रसन्न करने के लिए प्रसाद के रूप में भोग भी लगाएं — चाहे वह फल हो या मिठाई।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि टीका अर्पण करते समय टूटे या खंडित चावल बिल्कुल न इस्तेमाल करें। पूरे, साफ़ और चमकीले चावल ही चुनें। कहते हैं, पीले चावल (हल्दी में लिपटे) जो पानी में भिगोकर अर्पण किए जाएं, वे विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
साथ ही, पूजा के समय मन एकाग्र और भक्तिमय रखें। कुलदेवी को मनाने में सच्चाई, श्रद्धा और निष्ठा का सबसे ज्यादा महत्व होता है। जल्द ही घर में सुख-शांति लौटती दिखाई देगी
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