रूस और वैश्विक गेहूं निर्यात
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर गेहूं के व्यापार में रूस और यूक्रेन की भूमिका बेहद अहम है। ये दोनों देश मिलकर दुनिया के कुल गेहूं निर्यात का लगभग एक चौथाई हिस्सा यानी करीब 25 प्रतिशत आपूर्ति करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी हिस्सेदारी इतनी बड़ी है कि इनके उत्पादन या सप्लाई चेन में किसी भी तरह के उतार-चढ़ाव का सीधा असर दुनियाभर के खाद्य बाजारों पर पड़ता है।
दूसरी ओर, यदि भारत की बात करें, तो वैश्विक गेहूं निर्यात (Wheat Global Export) में भारत की हिस्सेदारी काफी कम, यानी महज 1 फीसदी के आसपास ही रहती है। हालांकि भारत दुनिया में गेहूं का एक बहुत बड़ा उत्पादक है, लेकिन देश की विशाल आबादी की अपनी खाद्य जरूरतें बहुत अधिक हैं। इस वजह से यहां उत्पादित होने वाले गेहूं का एक बड़ा हिस्सा घरेलू खपत में ही इस्तेमाल हो जाता है, और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात के लिए बहुत सीमित मात्रा ही बच पाती है।
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