रोमांस: प्रेम की मासूम धड़कन
रोमांस सिर्फ फूल, गिफ्ट या शामें नहीं हैं। यह तो वह मीठी सी धड़कन है जब आपकी नजर किसी प्रिय की आंखों में पड़ती है और एक पल में लगता है कि दुनिया थम गई है। यह वह अहसास है जब एक मुस्कान में सब कुछ कह जाया जाता है, बिना शब्दों के।
रोमांस शब्दों का मोहताज नहीं होता। यह आंखों की बात को पढ़ लेता है, एक हल्के स्पर्श में छुपी बात समझ लेता है। कभी-कभी चुप्पी में भी रोमांस इतना गहरा होता है कि लगता है दिल की धड़कनें एक हो गई हैं।
कई लोग सोचते हैं कि रोमांस के लिए बड़े-बड़े इशारे चाहिए—रात भर गाने गुनगुनाना, दूर तक की सैर, या चांदनी रात में प्रपोज करना। लेकिन असली रोमांस तो उस पल में छिपा है जब आप बिना कुछ कहे, बस एक-दूसरे के पास होते हैं और महसूस करते हैं कि यही जगह पर्फेक्ट है।
प्रेम के बिना रोमांस अधूरा है, लेकिन रोमांस के बिना प्रेम भी सूखा सा लगता है। यह वह चमक है जो रिश्तों म
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