गर्भावस्था में लास्ट अल्ट्रासाउंड कब होता है और यह क्यों जरूरी है?
गर्भावस्था के दौरान शिशु की सेहत और विकास पर नजर रखने के लिए अल्ट्रासाउंड एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है। आमतौर पर महिलाएं यह जानने के लिए उत्सुक रहती हैं कि लास्ट अल्ट्रासाउंड कब किया जाता है और पूरी प्रेग्नेंसी में कितनी बार इसकी जरूरत होती है।
सामान्य तौर पर, एक स्वस्थ गर्भावस्था में डॉक्टर अंतिम अल्ट्रासाउंड 8वें या 9वें महीने (लगभग 36वें से 40वें हफ्ते) के बीच कराने की सलाह देते हैं। इस आखिरी स्कैन का मुख्य उद्देश्य डिलीवरी की तैयारी का जायजा लेना होता है। इसमें डॉक्टर यह देखते हैं कि शिशु का सिर नीचे की तरफ है या नहीं (सेफेलिक पोजीशन), गर्भनाल (प्लेसेंटा) की स्थिति क्या है, और गर्भ में एम्नियोटिक फ्लूइड (पानी) की मात्रा पर्याप्त है या नहीं।
शुरुआती सफर की बात करें, तो पहला जरूरी स्कैन 11वें से 13वें हफ्ते के बीच होता है, जिससे प्रेग्नेंसी की सही अवधि का पता चलता है। इसके बाद शिशु के अंगों के विकास और ग्रोथ की सटीक जांच के लिए डबल मार्कर टेस्ट और एनाटोमी स्कैन किए जाते हैं। गर्भावस्था के 5वें और 6वें महीने में डॉप्लर टेस्ट की सलाह भी दी जा सकती है, जो शिशु तक होने वाले ब्लड सर्कुलेशन की जांच करता है।
पूरी गर्भावस्था में कितनी बार अल्ट्रासाउंड होगा, यह पूरी तरह से मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। एक सामान्य प्रेग्नेंसी में 3 से 4 स्कैन काफी होते हैं, लेकिन किसी भी तरह की जटिलता होने पर डॉक्टर इसकी संख्या बढ़ा सकते हैं। इसलिए समय पर ये जांचें कराना मां और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर कदम है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।