2047 तक भारत: एक विकसित राष्ट्र की ओर

भारत के स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने तक, यानी 2047 तक, देश को एक उच्च-मध्यम आय वाले राष्ट्र के रूप में देखा जा सकता है। यह बात ईएसी-पीएम के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय ने 30 अगस्त 2022 को रखी थी। उनके अनुसार, अगर भारत अगले 25 सालों तक 7 से 7.5 प्रतिशत की निरंतर विकास दर बनाए रख सके, तो यह लक्ष्य संभव है।

यह विकास दर न केवल आर्थिक आकार को बढ़ाएगी, बल्कि जीडीपी को 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने में भी सहायता कर सकती है। इसके लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार पर निवेश अहम होगा।

लेकिन सिर्फ आंकड़ों में विकास ही काफी नहीं। वास्तविक प्रगति तब होगी जब हर गाँव, हर शहर के लोगों के जीवन में बदलाव आए। रोजगार के अवसर बढ़ें, गरीबी घटे और स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हों।

2047 सिर्फ एक आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सपने की पूर्ति का वर्ष हो सकता है—बशर्ते सरकार, उद्योग और नागरिक साथ

यह भी देखें

विस्तृत लेख

भारत की विदेश नीति का वास्तविक वास्तुकार कौन है: नेहरू के आदर्शवाद और कूटनीतिक विरासत का एक गहन विश्लेषण

और पढ़ें →

सामाजिक न्याय और सामूहिक कल्याण की पुनर्कल्पना: भारत में सामाजिक नीति के बहुआयामी उद्देश्यों का एक गहन विश्लेषण

और पढ़ें →

कानून के गलियारों में 'सार्वजनिक नीति' का मायाजाल: क्या यह न्याय का रक्षक है या जजों के हाथ का खिलौना?

और पढ़ें →

लोक नीति के विपरीत संविदा और सिद्धांत: जब व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक नैतिकता के बीच टकराव होता है

और पढ़ें →

मनुष्य का धर्म क्या है? अस्तित्व की गहराई में छिपे शाश्वत कर्तव्यों और मानवीय संवेदनाओं का एक अन्वेषण

और पढ़ें →

संबंधित विषय