वैश्विक महाशक्ति: वर्तमान परिदृश्य और देशों की स्थिति
दुनिया में सुपर पावर या महाशक्ति वह देश कहलाता है जिसकी आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और तकनीकी ताकत बाकी देशों की तुलना में सबसे मजबूत होती है। आज के समय में वैश्विक मंच पर देशों की इस ताकत का आकलन करने के लिए कई इंडेक्स या सूचकांक तैयार किए जाते हैं, जो यह बताते हैं कि वैश्विक राजनीति में किसका पलड़ा भारी है।
इन सूचकांकों के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) इस सूची में पहले पायदान पर बना हुआ है। अमेरिका को वैश्विक स्तर पर 82.2 पॉइंट मिले हैं, जो इसे दुनिया का सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली देश बनाते हैं। उसकी सैन्य ताकत, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय समझौतों में प्रभाव का यह नतीजा है।
इस दौड़ में चीन दूसरे स्थान पर मजबूती से उभर रहा है। चीन को इस इंडेक्स में 74.6 पॉइंट मिले हैं। दिलचस्प बात यह है कि चीन अब अमेरिका से महज आठ पॉइंट ही पीछे है, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच महाशक्ति बनने की प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी होती जा रही है।
इसके बाद, एशिया का एक और प्रमुख देश जापान 38.7 पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर है। हालांकि जापान के पॉइंट शीर्ष दो देशों से काफी कम हैं, लेकिन आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर उसकी स्थिति अभी भी बहुत मजबूत है। यह वैश्विक समीकरण लगातार बदलते रहते हैं, क्योंकि हर देश अपनी अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने में जुटा हुआ है।
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