राहु कौन थे और किसके पुत्र?
हिंदू पौराणिक कथाओं में राहु का विशेष स्थान है। ये छाया ग्रह माने जाते हैं और ग्रहण के समय पृथ्वी, सूर्य व चंद्रमा के बीच आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहु का जन्म कैसे हुआ था?
श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, महर्षि कश्यप की पत्नी दनु के गर्भ से विप्रचित्ति का जन्म हुआ था। विप्रचित्ति का विवाह हिरण्यकशिपु की बहन सिंहिका से हुआ। इसी सिंहिका के गर्भ से राहु का जन्म हुआ। इस कारण राहु को सिंहिकेय भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है – सिंहिका के पुत्र।
राहु की कथा सागर मंथन से भी जुड़ी है। जब देवता और असुर अमृत के लिए समुद्र मंथन कर रहे थे, तब राहु ने एक असुर के रूप में अमृत पीने के लिए छल किया। लेकिन सूर्य और चंद्रमा ने भगवान विष्णु को इसकी सूचना दे दी। तब विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर काट दिया। क्योंकि उस समय राहु के सिर में अमृत था, इसलिए वह अमर हो गया, लेकिन शरीर नहीं।
तभी से राहु अपना बदला ल
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