विश्व बैंक और भारत के वित्तीय संबंध
विश्व बैंक और भारत के बीच साझेदारी दशकों पुरानी है। भारत अपने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के लिए समय-समय पर विश्व बैंक से सहायता और वित्तीय सहायता लेता रहा है। वर्तमान में भारत विश्व बैंक से कर्ज लेने वाले प्रमुख देशों में शामिल है, जिसका एक बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं में इस्तेमाल होता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए विश्व बैंक ने भारत को 1.75 अरब डॉलर (लगभग 13,800 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम कर्ज स्वीकृत किया था। इस वित्तीय मदद का मुख्य उद्देश्य देश की स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाना, महामारी जैसी आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना और ग्रामीण व शहरी इलाकों में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करना है।
गौरतलब है कि विश्व बैंक द्वारा दिया जाने वाला यह फंड केवल एक सामान्य कर्ज नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। भारत इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से दो प्रमुख योजनाओं - प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के कार्यक्रमों में कर रहा है। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा को नई दिशा मिली है।
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