विश्व में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है?

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे देश और दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना क्यों बदलते हैं और इन्हें कौन तय करता है? इसके पीछे एक पूरा वैश्विक बाजार और आर्थिक तंत्र काम करता है।

आधिकारिक रूप से पेट्रोल या डीजल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों से तय होती है। कच्चा तेल वह तरल रूप होता है जिसे जमीन से निकाला जाता है और रिफाइनरी में प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन बनाए जाते हैं।

चूंकि हर देश के पास अपना पर्याप्त कच्चा तेल नहीं होता, इसलिए उन्हें दूसरे देशों से इसे आयात करना पड़ता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें डॉमिनेंट प्रोड्यूसिंग देशों और बाजार की मांग तथा आपूर्ति (Demand and Supply) के आधार पर तय होती हैं। जब दुनिया भर में तेल की मांग बढ़ती है लेकिन उत्पादन कम होता है, तो कच्चे तेल के दाम बढ़ जाते हैं, जिसका सीधा असर हमारे लोकल पेट्रोल पंपों पर दिखने वाले दामों पर पड़ता है।

इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर पेट्रोल की अंतिम कीमत में सरकार के टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, राज्यों के वैट (VAT) और परिवहन लागत (Transportation Cost) भी एक बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि अलग-अलग देशों और राज्यों में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग होती हैं।

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