वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

किसी भी देश की आर्थिक मजबूती और स्थिरता को मापने के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) एक बेहद महत्वपूर्ण पैमाना होता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, विदेशी निवेश और मुद्रा दर को संतुलित बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका होती है।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो भारत दुनिया भर में सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में चौथे स्थान पर मजबूती से काबिज है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रभावी प्रबंधन और देश में लगातार बढ़ते विदेशी निवेश व निर्यात की बदौलत भारत का फॉरेक्स रिजर्व कई सौ अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद भारत ही वह देश है जिसके पास इतना विशाल भंडार मौजूद है।

यह विशाल विदेशी मुद्रा कोष भारत को किसी भी वैश्विक आर्थिक संकट, जैसे कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल या मुद्रास्फीति, का सामना करने में सक्षम बनाता है। इसके बल पर भारतीय रुपया अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक स्थिर और सुरक्षित रहता है।

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