विश्व व्यापार और भारत की स्थिति

वैश्विक व्यापार के परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। हाल के आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, देश के व्यापारिक और सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को समझने के लिए विदेशी व्यापार के आंकड़े और चालू खाते की स्थिति अहम भूमिका निभाते हैं।

आर्थिक समीक्षा के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही के दौरान भारत का चालू खाता शेष सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 0.2 प्रतिशत के मामूली घाटे में बदल गया। इस बदलाव के पीछे मुख्य रूप से व्यापार घाटे की स्थिति का बड़ा योगदान रहा है, जिसमें आयात और निर्यात के बीच का अंतर शामिल है।

इसके साथ ही, सेवा क्षेत्र के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। अप्रैल से दिसंबर 2021 के बीच देश का सेवा आयात 21.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ बढ़कर 103.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेवाओं की मांग लगातार बनी हुई है और देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा रहा है।

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