विश्व व्यापार में भारत का बढ़ता कदम
आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रहा है। अगर वर्तमान स्थिति की बात करें, तो विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 1.6 प्रतिशत है। हालांकि, देश की आर्थिक क्षमता को देखते हुए इसे और अधिक बढ़ाने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
भारत सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ को मजबूत करना है। इसके लिए वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी को 3.4 प्रतिशत तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयात (import) में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी लाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
जब हम विदेशी सामानों पर निर्भरता कम करेंगे और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाएंगे, तो इससे देश के भीतर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, व्यापार में बढ़ोतरी से देशवासियों की प्रति व्यक्ति आय (per capita income) में भी सुधार होगा। भारत का यह कदम न केवल हमारी अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि दुनिया भर के बाजारों में भारतीय उत्पादों की धाक भी जमाएगा।
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