भारत में सरसों के तेल की मांग और इसका आयात

भारतीय रसोई में सरसों का तेल केवल खाना पकाने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक भोजन शैली का एक अहम हिस्सा है। भारत दुनिया में सरसों के तेल के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। हालांकि देश में सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, लेकिन बढ़ती खपत के कारण भारत को विदेश से भी सरसों के तेल का आयात करना पड़ता है।

भारत मुख्य रूप से नेपाल, यूक्रेन और कनाडा जैसे देशों से सरसों के तेल का आयात करता है। वैश्विक व्यापार के आंकड़ों के अनुसार, सरसों के तेल के आयात के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष तीन बाजारों में शामिल है। इस सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका 9,173 शिपमेंट के साथ सबसे बड़ा आयातक है, जबकि बांग्लादेश 6,113 शिपमेंट के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत 5,439 शिपमेंट के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर आता है।

देश में तिलहन उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी घरेलू मांग और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भरता बनी हुई है।

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