प्रेम विवाह अपराध नहीं, कानून भी इसे सुरक्षा देता है

प्रेम विवाह क्या है? यह दो वयस्क व्यक्तियों के बीच सहमति से होने वाला विवाह है, चाहे वे एक ही जाति या धर्म के हों या अलग-अलग। ऐसे विवाह में कोई अपराध नहीं होता, बल्कि यह भारतीय संविधान द्वारा सुरक्षित व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार का हिस्सा है।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने साफ किया है कि सहमति आपराधिक नहीं है। 2006 में यूपी राज्य बनाम कैसो बाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अंतर-जातीय या अंतर-धार्मिक विवाह कोई अपराध नहीं है। इस फैसले में तो यह भी कहा गया कि लिव-इन रिलेशनशिप भी कानूनी रूप से अपराध नहीं मानी जाती।

न्यायालय ने पूरे देश के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। कई बार ऐसे विवाह के बाद परिवार या समाज द्वारा दबाव डाला जाता है, लेकिन कानू

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