भारत या इंडिया: नाम कब और कैसे तय हुआ?
कई लोगों को लगता है कि भारत का नाम हाल में बदला गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल, भारत ही हमारा मूल नाम रहा है, जो प्राचीन काल से चला आ रहा है। यह नाम ऋषि भरत के नाम पर पड़ा माना जाता है।
‘इंडिया’ नाम बाहरी आने वाला था। जब यूनानी और फारसी लोग यहाँ आए, तो वे सिंधु नदी को ‘इंडस’ कहने लगे। इसी से लैटिन में देश का नाम ‘इंडिया’ पड़ गया। बाद में अंग्रेजों ने भी इसी नाम को अपना लिया।
15 अगस्त, 1947 को आजादी के बाद संविधान सभा में यह चर्चा हुई कि क्या देश का नाम ‘इंडिया’ या ‘भारत’ रखा जाए। कुछ नेता अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए ‘इंडिया’ के पक्ष में थे, लेकिन अंततः यह तय हुआ कि भारत ही प्राथमिक नाम होगा।
संविधान की धारा 1 में स्पष्ट लिखा है कि “भारत, जो इंडिया भी कहलाता है, एक संप्रभु समाजतंत्र है।” यानी आधिकारिक तौर पर नाम ‘भारत’ है, लेकिन ‘इंडिया’ भी कानूनी रूप से मान्य है।
तो कोई नाम बदला
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