शादी की उम्र: कानून में आए बदलाव
शादी कितनी उम्र में होनी चाहिए, यह सवाल लंबे समय से चर्चा में रहा है। भारत में इस मामले में कानून कई बार बदला गया है। साल 1929 में शारदा एक्ट के जरिए लड़कियों की विवाह योग्य उम्र 15 साल तय की गई थी। यह पहला कदम था बाल विवाह रोकने की दिशा में।
समय बदला, सोच बदली। 1978 में इस कानून में सुधार किया गया और लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल कर दी गई। इसी तरह, लड़कों के लिए यह सीमा 21 साल तय हुई।
हालांकि, 2020 में एक बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की कि अब लड़कियों और लड़कों की शादी की उम्र एक समान होगी — 21 साल। यह फैसला लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और लड़कियों को शिक्षा व स्वास्थ्य के अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया।
16 दिसंबर, 2021 को सरकार ने इस दिशा में आधिकारिक कदम उठाते हुए विवाह योग्य उम्र में समानता लाने की प्रक्रिया शुरू की। यह बदलाव सिर्फ कानूनी नहीं, ब
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