भारतीय संगीत में रागों की अनगिनत दुनिया

भारतीय शास्त्रीय संगीत में रागों की कुल संख्या को लेकर हमेशा से लोगों के मन में उत्सुकता रही है। अगर साधारण गणित और नियमों के हिसाब से देखा जाए, तो केवल एक थाट के सात स्वरों के अलग-अलग संयोजनों से लगभग 484 राग तैयार किए जा सकते हैं।

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत पद्धति में मुख्य रूप से 10 थाट माने गए हैं। इस गणितीय आधार पर देखा जाए तो कुल मिलाकर 4,840 राग संभव हो सकते हैं। दक्षिण भारतीय या कर्नाटक संगीत में तो मेलकर्ता पद्धति के जरिए इनकी संख्या और भी अधिक बताई जाती है। हालांकि, यह आंकड़ा केवल एक सैद्धांतिक गणना है।

व्यावहारिक संगीत में हर संभव स्वर संयोजन राग का रूप नहीं ले पाता। केवल वही राग संगीत की दुनिया में जीवित रहते हैं, जो सुनने में मधुर हों और जो किसी न किसी भाव या रस को जगाने की क्षमता रखते हों। यही वजह है कि आज भी सैकड़ों राग हमारे प्रचलन में हैं और हर राग का अपना एक खास समय, मौसम और मिजाज होता है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय