सऊदी अरब में धार्मिक स्थल: क्या है और क्यों नहीं?

सऊदी अरब एक ऐसा देश है जहां इस्लाम की रक्षा और अनुपालन को विशेष महत्व दिया जाता है। यहां धार्मिक स्वतंत्रता के बजाय, एक विशेष धर्म के अनुसार ही सार्वजनिक उपासना की अनुमति है।

सऊदी अरब में न तो कोई हिन्दू मंदिर है, न ही गुरुद्वारा या चर्च।

देश के संविधान के अनुसार, इस्लाम ही राजधर्म है, और केवल मस्जिदें ही कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त उपासनास्थल हैं। किसी भी अन्य धर्म के लिए सार्वजनिक पूजा स्थल बनाना यहां गैरकानूनी है। यहां तक कि निजी घरों में भी अन्य धर्मों के अनुष्ठान करने पर भी प्रतिबंध है।

हालांकि, लाखों विदेशी कामगार जो भारत, फिलीपींस, इंडोनेशिया और अन्य देशों से आते हैं, वे यहां रहते हैं और काम करते हैं। इनमें कई हिन्दू, सिख और ईसाई भी शामिल हैं। वे अपने धर्म का पालन निजी स्तर पर करते हैं, लेकिन किसी भी तरह की सार्वजनिक उपासना या मंदिर जैसी संरचना की अनुमति नहीं है।

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