हुमायूं: मुगल साम्राज्य के सबसे कमजोर शासक?

हुमायूं को अक्सर मुगल काल के सबसे कमजोर शासकों में गिना जाता है। हालांकि वह बाबर के पुत्र थे और एक महान साम्राज्य की विरासत में मिली, लेकिन उनकी अनुभवहीनता और राजनीतिक भ्रम ने उन्हें गंभीर चुनौतियों के सामने ला दिया।

1530 में सिंहासन संभालते ही हुमायूं को कई विद्रोहों और आंतरिक संघर्षों का सामना करना पड़ा। उनके शासनकाल में ही शेर शाह सूरी जैसे मजबूत नेता उभरे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य पर हमला कर उसके अधिकांश हिस्सों पर कब्जा कर लिया।

1540 तक हुमायूं को पूरी तरह पराजित होकर भारत छोड़कर भागना पड़ा। लगभग 15 साल तक वह निर्वासन में रहे, जबकि सूर वंश ने उत्तर भारत पर शासन किया।

हालांकि बाद में हुमायूं ने 1555 में वापसी की और दिल्ली पर फिर से नियंत्रण पाया, लेकिन उनका शासन फिर भी अस्थिर रहा। उनकी मृत्यु 1556 में एक दुर्घटना में हो गई, जिसके बाद उनके पुत्र अकबर ने साम्राज्य को पुनर्जीव

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