इतिहास के सबसे क्रूर और निर्दयी शासक
मानव इतिहास में कई ऐसे योद्धा और शासक हुए हैं, जिनकी क्रूरता ने दुनिया का नक्शा बदल दिया। जब हम इतिहास के सबसे खूंखार किरदारों की बात करते हैं, तो कुछ नाम ज़हन में तुरंत आते हैं जिन्होंने अपने दौर में आतंक का साम्राज्य स्थापित किया था।
पांचवीं सदी में अत्तीला हूण (434-453) ने रोमन साम्राज्य की जड़ों को हिलाकर रख दिया था। उसे अपनी क्रूरता के कारण 'ईश्वर का कोड़ा' कहा जाता था। इसके बाद 13वीं सदी में मंगोल साम्राज्य के चंगेज खान (1206-1227) ने ऐसा कहर बरपाया कि उसकी सेना के घोड़ों की टापों से पूरा एशिया और यूरोप कांप उठा था। उसी तरह, 14वीं सदी के अंत में तैमूर (1370-1405) ने अपनी विजय यात्राओं के दौरान लाखों निर्दोष लोगों का कत्लेआम कराया।
क्रूरता का यह सिलसिला केवल पुरुषों तक सीमित नहीं था। इंग्लैंड की क्वीन मैरी-I (1553-1558) को उनके हिंसक फैसलों और सैकड़ों लोगों को जिंदा जलाने के आदेश के कारण आज भी 'ब्लडी मैरी' के नाम से याद किया जाता है।
आधुनिक इतिहास में भी सत्ता की भूख ने भयानक रूप अख्तियार किया। सोवियत संघ के व्लादमीर लेनिन (1917-1924) और उनके बाद आए जोसेफ स्टालिन (1922-1953) के दौर में वैचारिक विरोधियों को बेरहमी से कुचल दिया गया। वहीं, जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर (1933-1945) ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लाखों यहूदियों को गैस चैंबरों में डालकर मौत के घाट उतार दिया। चीन में माओत्से तुंग (1949-1976) की नीतियों के कारण हुए गृहयुद्ध और अकालों ने करोड़ों लोगों की जान ले ली। ये सभी इतिहास के वे पन्ने हैं, जो इंसान की बर्बरता की गवाही देते हैं।
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