मुरलीवाले की रंगीन यादें

क्या कभी आपने सुनी है कि सबसे पहले मिठाई वाला क्या बेचने आया था? जवाब थोड़ा अजीब लग सकता है—वो था मुरलीवाला। हाँ, वह कोई मिठाई नहीं, बल्कि मुरलियाँ बेचता था। छोटे-छोटे बच्चों के बीच वह रंग-बिरंगी मुरलियों के साथ आता था।

उसके पास लाल, पीली, हरी, नीली—हर रंग की मुरलियाँ होती थीं। जैसे ही कोई बच्चा किसी रंग की मुरली चुनता, मुरलीवाला तुरंत उसी रंग की मुरली उसे दे देता। बच्चे खुश होकर उसे घेर लेते। वह गली-गली घूमता, अपनी मुरलियों की आवाज़ से सबका ध्यान खींचता।

यह भी पढ़ें: कई बार लोगों को लगता है कि मिठाई वाला हमेशा से मिठाई बेचता आया है, लेकिन सच थोड़ा अलग है। पहले तो मनोरंजन और छोटे-छोटे सामान की बारी आती थी। मुरलीवाला भी उन्हीं यादगार पलों का हिस्सा था।

आजकल ऐसे मुरलीवाले दिखाई नहीं देते। लेकिन जो लोग बचपन में उन्हें देखे हैं, उनके दिल में आज भी उनकी मुरलियों की आवाज़ गूंजती है। रंग, आवाज़, और

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