सरसों की खेती: बेहतर पैदावार के लिए सही बीज का चुनाव

किसान भाइयों के लिए सरसों की खेती हमेशा से एक मुनाफे का सौदा रही है, लेकिन इसके लिए सही किस्म का चुनाव करना सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर आप हरियाणा, पंजाब या पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों में खेती कर रहे हैं, तो पूसा सरसों आर एच 30 (RH 30) को सबसे बेहतरीन किस्मों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिंचित और असिंचित, दोनों तरह के खेतों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।

फसल के पकने के समय की बात करें तो यह किस्म लगभग 130 से 135 दिनों में तैयार हो जाती है। इसके बीज मजबूत होते हैं और दाने तेल की अच्छी मात्रा प्रदान करते हैं। सही समय पर बुवाई करने से पौधे को सही मौसम और नमी मिलती है, जिससे फसल का विकास बहुत तेजी से होता है।

अच्छी पैदावार हासिल करने के लिए बुवाई का समय बहुत मायने रखता है। अगर आप 15 से 20 अक्टूबर के बीच पूसा आर एच 30 की बुवाई कर देते हैं, तो आपको प्रति हैक्टेयर लगभग 16 से 20 क्विंटल तक की शानदार उपज मिल सकती है। सही खाद, सही समय पर सिंचाई और सही बीज का संयोजन आपकी खेती को अधिक लाभदायक बना सकता है।

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