सरसों की अच्छी पैदावार के लिए सही खाद और उर्वरक प्रबंधन

सरसों की फसल से भरपूर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के लिए मिट्टी में सही समय पर उचित पोषक तत्व मिलाना बेहद जरूरी है। खेती की शुरुआत में ही सही खाद का संतुलन फसल की नींव को मजबूत बनाता है।

जैविक खाद का प्रयोग: बुवाई से पहले खेत की अंतिम जुताई के समय प्रति हेक्टेयर लगभग 60 कुंतल गोबर की सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट मिट्टी में अच्छी तरह मिला देनी चाहिए। इससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता सुधरती है और पौधों का विकास तेजी से होता है।

रासायनिक उर्वरकों की सही मात्रा: सिंचित स्थिति में बेहतर उपज के लिए प्रति हेक्टेयर 120 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फोरस और 60 किलोग्राम पोटाश का इस्तेमाल करना चाहिए। सरसों में दाना और तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए सल्फर भी बेहद आवश्यक पोषक तत्व है।

देने का सही समय: बुवाई के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा के साथ फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा खेत में मिला दें। नाइट्रोजन की बची हुई आधी खुराक को पहली सिंचाई के समय पौधों में डालना चाहिए। सही खाद प्रबंधन से फसल रोगमुक्त रहती है और पैदावार शानदार मिलती है।

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