भारतीय संगीत के सात सुर: संगीत का आधार

संगीत हमारे जीवन का एक बेहद खूबसूरत हिस्सा है, और इसका असली जादू सुरों (स्वरा) में छुपा होता है। अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि भारतीय संगीत में कुल कितने सुर होते हैं? इसका सीधा और सरल जवाब है — संगीत में मुख्य रूप से 7 सुर होते हैं। इन्हें हम संगीत की दुनिया की बुनियादी नींव मान सकते हैं।

इन सात सुरों को एक साथ मिलाकर 'सप्तक' कहा जाता है। जब कोई गायक या वादक संगीत सीखता है, तो सबसे पहले इन्हीं सात स्वरों का अभ्यास करता है। इनके नाम और उनके संक्षिप्त रूप इस प्रकार हैं:

1. षड्ज (सा)
2. ऋषभ (रे)
3. गांधार (ग)
4. मध्यम (म)
5. पंचम (प)
6. धैवत (ध)
7. निषाद (नि)

बोलचाल और गायकी में इन्हें ही हम 'सा-रे-गा-मा-पा-धा-नि' के नाम से जानते हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत में इन सात शुद्ध स्वरों के अलावा इनके विकृत रूप भी होते हैं, जिनसे कुल 12 स्वर बनते हैं। लेकिन मूल आधार ये सात सुर ही हैं। इन्हीं सुरों के अलग-अलग मेल और ताल से दुनिया भर के अद्भुत राग और मधुर धुनें तैयार की जाती हैं।

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